सांभर के चारभुजा नाथ मंदिर को जीर्णोद्धार हेतु बजट का इंतजार

500 साल पुराने चारभुजा नाथ मंदिर के दोनों तरफ की भुजाएं हो चुकी है कमजोर

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

www.daylife.page 

सांभरझील। भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल के दौरान सांभर के सैकड़ो वर्ष पुराने दर्जनों मंदिरों की काया पलट कर उनकी खोई आभा लौटाने के लिए भले ही करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए हो लेकिन पर्यटन और पुरातत्व विभाग की सूची में सांभर का करीब 500 साल पुराना चारभुजा नाथ का मंदिर को इस सूची में क्यों नहीं जोड़ा गया यह यहां के श्रद्धालुओं के लिए आज भी सवालिया निशाना बना हुआ है। फुलेरा के तत्कालीन विधायक निर्मल कुमावत को इस संबंध में उनके कार्यकाल के दौरान दर्जनों बार इस मंदिर की दशा सुधारने के लिए यहां के पुजारी, आसपास के लोगों ने हाथ जोड़कर खूब अनुनय विनय किया लेकिन कोरे आश्वासन के अलावा उनकी ओर से कुछ नहीं मिला। 

विगत सालों में स्थिति इतनी विकट हो गई की मंदिर करीब चार माह पहले भरभरा कर आगे का हिस्सा पूरी तरह से ढह गया इसके बाद भी पूर्व विधायक की ओर से इस पर कोई खास फोकस नहीं किया इसी बात को लेकर आज भी यहां के लोगों में काफी नाराजगी भी बताई जा रही है। वर्तमान मुख्यमंत्री राजे के कार्यकाल के दौरान पुरातत्व और पर्यटन विभाग के अधिकारियों और कथित राजनेताओं की मिली भगत के कारण मंदिरों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के लिए भी जमकर राजनीति हुई और पक्षपात भी खूब हुआ। मापदंड में नहीं बताकर मंदिर के लिए बजट आवंटन नहीं करने का प्रावधान का रोना रोकर इस मंदिर के साथ पूरी तरह से भेदभाव भी किया गया। 

मंदिर की छत, दीवारें अंदर बाहर की ओर से अधिकांश जगहों से फटकर दो फाड़ हो चुकी है। सुरक्षा के लिए पालिका की ओर से दो दिन तक कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी बाद में मामला ठंडा पड़ने पर इन्हें यहां से भी हटा दिया। यहां के पुजारी राजेंद्र व्यास का मन पूरी तरह से व्यथित और दुखी है लेकिन वह अपनी जान को खतरे में डालकर प्रतिदिन पूजा अर्चना करना नहीं भूलते हैं। यहां के श्रद्धालुओं ने वर्तमान विधायक विद्याधर सिंह चौधरी को चुनाव प्रचार के दौरान पहुंचने पर इसके हालात से भी अवगत कराया तो उनकी ओर से इस मंदिर के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया था तथा कहा था कि यदि सरकार कुछ नहीं करेगी तो वह अपने निजी फंड से ही पैसा खर्च करके इसको फिर से खड़ा करेंगे। लोगों को इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए बजट आवंटन का सरकार से भी इंतजार बना हुआ है।