ख्वाब में हकीकत

लेखिका : ममता सिंह राठौर

कानपुर (यूपी)

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सपने जो हम सोते हुए देखते हैं, उनके बारे में आप लोगो की क्या राय है? बताइगा  वैसे मेरी भी समझ में कुछ ज्यादा नहीं है, हा पर यह लगता है की जो मन में चल रहा होता है वो देखते है, फिर कभी बिल्कुल विचित्र सपने होते है ,खैर आज हम आप को आज के सपने में देखी हुई घटना का ही विवरण दे रही हूं  जो बिल्कुल सच है, हुआ यूं की आज दोपहर में जब सोई तो इस सपने ने ही जगा दिया, तो मन थोड़ी देर तक सोचता रहा फिर हँसी भी आ  गई तोसोचा चलो आप लोगो को भी जगाते है हँसाते हैं अच्छा आज समय का जो दौर है उसके साथ सब लोग क्या चल पा रहे?  हां पर कुछ लोग दौड़ रहें है कुछ लोग  छलांग लगा रहे हैं _पर कुछ लोग बेचैन भी हैं और सोचते है की हमारी भारत भूमि जहां सत्यवादी हरिश्चंद्र, राजा दशरथ, जैसे लोग हुए हैं  बल्कि आज भी किसी विद्यालय में  झूठ का समर्थनन नहीं होता ।सामने से , बाकी आप सब की राय,पर अब आप चलते फिरते देखो कैसे _कैसे लोग, एक छोटी सी बात मन में  घूम रही  थी हुआ यूं की किसी से मेरी यूं ही रास्ते में मुलाकात हुई नमस्ते की हमने तो वो खड़ी हो  गई बात करती रहीं मेरे सच्चे लेखन की जिससे वो बहुत प्रभावित हैं ऐसा बताया उन्होंने तभी मेरी नजर उनके हाथ में दूध की बाल्टी पर पड़ी तो हमने पूंछ लिया कितने में देता है दूध? तो जवाब देखिए  हमने पूछा ही नहीं कितने में देता है हम तो जो बिल देता है बस दे देती हूं हिहिही हमें भी हँसी आ गई, अच्छा जी राम राम अब अगली कथा जिसने हमें जगा दिया वो   यह की सपने में सजी सवरी आठ-दस औरतें दिखी तो हमने पूछा आज करवा चौथ है क्या? तो सब की सब देखी होठ तो हिलाई पर जवाब नहीं दिया हमने फिर पूछा तो फिर वही अभिनय की और एक ने कहा हां है करवा चौथ, तभी हमने कुछ सोचते हुए कहा अच्छा पर हम ने तो नवरात्रि का व्रत किया है यह  मार्च का महीना है करवा चौथ तो अक्तूबर के महीने में होता है और इसके आगे जो बोल कर मेरी आँख खुल गई वो यह जो तुम लोग लिपी पुती बैठी हो बिल्कुल टी वी सीरियल की सास_बहू साजिश और सीखो और घर फोड़ों मंथरा हो पूरी की पूरी, यह सब मेरे सपने में घटी घटना है। 

*कोई व्यक्तिगत न ले, वैसे सुंदर यह है की सब हरी साड़ी में सुहागिनी देवियां दिखी (लेखिका का अपना अध्ययन एवं अपने विचार हैं)