सांभर में पीएचईडी विभाग ने हजारों उपभोक्ताओं पर पैनल्टी की राशि ठोकी

दो माह का जल उपभोग विपत्र पैनल्टी जोड़कर थमाया

राजनेताओं की कमजाेरी से विभाग की बल्ले बल्ले

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

www.daylife.page 

सांभरझील (जयपुर)। प्रदेश के मुखिया जहां एक और आमजन को राहत देने का दम्भ भर रहे है, वहीं दूसरी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इसके विपरित काम कर हजारों उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण कर रहा है। जलदाय विभाग की ओर से गत माह का बिल विभाग के अभियन्ताओं की लापरवाही के चलते वितरण नहीं हो सका और खुद की गलती छिपाने के लिये विभाग ने न वरन दो माह का बिल थमाया उल्टा उपभोक्ताओं को दोषी मानते हुये गत माह के बकाया बिल की राशि के साथ विलम्ब शुल्क भी जोड़कर वसूल करना शुरू कर दिया है। 

पिछली गलती को सुधारने के बजाय विभाग ने  अंतिम तिथि गुजरने के एक दिन पहले उपभोक्ताओं के घरों पर बिल पहुंचाये जिससे आमजन को विभाग का खेल अभी तक समझ में नहीं आ रहा है, कि वह बिल चुकाये या विभाग के अभियन्ताओं से माथाफोड़ी करे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सांभर में करीब पचास हजार जल उपभोग के बिल वितरण किये जाते है, पैनेल्टी की राशि ठोकने पर एक अनुमान के मुताबिक उपभोक्ताओं की जेब से करीब 10 लाख रूपये निकाल कर विभाग गलत तरीके से सरकार का खजाना भरने के काम में लगा हुआ है। 

सांभर में विगत करीब चार दशक से किसी भी उपभोक्ता के घर पर पानी मापक यंत्र यानी मीटर नहीं लगा हुआ है, लेकिन विभाग की ओर से जो उपभोक्ताओं को बिल उपलब्ध करवाया जा रहा है वह सत्यता से बिल्कुल ही परे है कहने का तात्पर्य यह है कि जब उपभोक्ताओं के घरों पर मीटर ही नहीं लगा हुआ है तो पानी का कितना उपभोग किया गया है इस बात का अंदाजा लगाकर बिल में कुल उपभोग का अंकन कर राशि वसूली जा रही है। यह भी लिखने योग्य है कि विभाग की मिलीभगत व कहीं पर राजनीति प्रेशर के चलते आज तक विभाग सार्वजनिक रूप से बताने में असहाय महसूस कर रहा है कि अवैध रूप से कितने जल कनेक्शन है, जानकारी में होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं कर विभाग अपने कर्त्तव्यों का सही प्रकार से निर्वहन नहीं कर रहा है, बल्कि ऐसे राजनेताओं व प्रभावशाली लोगों का सानिध्य प्राप्त कर अपना उल्लू सीधा कर रहा है। 

आमजन की कोई सुनवायी नहीं हो रही है और वह अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। विभाग के कनिष्ठ अभियन्ता ओमप्रकाश वर्मा से बात करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग की लापरवाही से पिछले माह के बिल वितरण नहीं हो सके, लेकिन उपभोक्ताओं पर पैनेल्टी क्याें लगायी जा रही है इस बात का कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। इस मामले में फुलेरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक निर्मल कुमावत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह उपभोक्ताओं के साथ घोर अन्याय है, मैं उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचाऊंगा, उपभोक्ताओं से वसूली जा रही पैनेल्टी राशि सरकार को लौटानी चाहिये।