ब्लैकमेलर परिवार के खिलाफ थाने में परिवाद दर्ज

पीड़ित परिवार ने जयपुर ग्रामीण एसपी के समक्ष किया था परिवाद


(जाफ़र खान) 


मनोहरपुर (जयपुर) । मनोहरपुर थाना क्षेत्र के दोसा मोड निवासी एक पीड़ित परिवार ने दूदू तहसील के गंगाती  निवासी एक परिवार के तीन भाई बहनों व पिता के खिलाफ ब्लैकमेल करके लाखों रुपए ऐंठने व जालसाजी में फंसाने का थाने में परिवाद दर्ज कराया दर्ज कराया।


परिवाद के अनुसार पुलिस ने बताया कि थाना क्षेत्र के दौसा मोड निवासी सुरेश कुमार मोहनपुरिया पुत्र कालूराम मोहनपुरिया ने एसपी जयपुर ग्रामीण के समक्ष होकर गत दिनों परिवाद में दर्शाया था कि दूदू तहसील के गंगाती गांव निवासी राधेश्याम डबरिया पुत्र प्रभातीलाल व उसका पुत्र दिनेश कुमार डबरिया,  उसकी बड़ी पुत्री सूरजपुरा विराट नगर निवासी रेखा रावत पत्नी दिनेश कुमार रावत व छोटी पुत्री सोनू ने मिली भगत करते हुए पहले तो उसके भांजे पप्पू निवासी मानपुरा माचेड़ी को प्रेम जाल में फंसा कर सोनू के साथ पप्पू की शादी करने का बहाना बनाकर दोनों को घर से फरार कर दिया।


उसके बाद सोनू को नाबालिक बताते हुए दूदू थाने में पप्पू व उनके मामा सुरेश मोहनपुरिया, रामेश्वर  मोहनपुरिया, भगवान सहाय मोहनपुरिया सहित अन्य करीब चार पांच लोगों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद उक्त मुदकदमे से बरी कराने के लिए बयान बदलने के बहाने रेखा रावत  व उसके परिवार जनों ने 5 लाख रुपये सुरेश मोहनपुरा से मांगे इसके अलावा रेखा रावत ने 7 लाख रुपये  अलग से मांगे। रुपये देने के बाद 16 मई 2019 को पप्पू के दोषमुक्त होने पर  4 फरवरी 2020 को रेखा रावत तीसरी बार रुपए हड़पने के बहाने से मनोहरपुर आई और सुरेश मोहनपुरिया को बलात्कार में फंसाने की झूठी धमकी देने लगी और बचाव के लिए 10 लाख  रुपए देने की मांग की। 


पीड़ित सुरेश कुमार ने इधर उधर से व्यवस्था करके 2 लाख रुपये रेखा रावत को दे दिए। बाकी आठ लाख की व्यवस्था करने के लिए समय मांगा। इस बात पर रेखा रावत उसके पिता राधेश्याम सोनू व दिनेश बाकी रुपए 15 दिन में देने की बात कह कर चले गए। 15 दिन बाद रुपए की व्यवस्था नहीं होने पर 4 मार्च को रेखा रावत सुरेश मोहनपुरिया के निवास पर आकर धमकी देकर गई और कहा कि तू अब जेल जाएगा। बार-बार रुपए हड़पने  की धमकी देने साजिश पूर्ण तरीके से उनके भांजे पप्पू को फंसाने से परेशान होकर अंत में पीड़ित सुरेश मोहनपुरिया ने एसपी जयपुर ग्रामीण के यहां परिवाद पेश कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की इस।


इस पर 6 मार्च को एसपी जयपुर ग्रामीण ने परिवाद की जांच के लिए मनोहरपुर थाना प्रभारी को परिवार प्रेषित कर दिया। लेकिन लॉकडाउन में व्यस्त होने के कारण मनोहर थाना प्रभारी उक्त परिवाद की जांच नहीं कर पाए। इसके बाद लॉकडाउन खुलने पर पीड़ित परिवार फिर से एसपी के यहां पेश हुआ। जिस पर एसपी के निर्देशन पर मनोहरपुर थाने में 10 जून 2020 को उक्त परिवाद दर्ज हुआ और उक्त परिवाद दर्ज होने के उपरांत जांच करते हुए हैड कांस्टेबल सुभाष चंद्र ने पीड़ित पक्ष सुरेश कुमार सहित अन्य गवाहों के थाने में बयान दर्ज किए और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी। इस मामले में थाना प्रभारी रामस्वरूप ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित पक्ष को निष्पक्ष जांच करते हुए कानूनी राहत प्रदान की जाएगी।