घर पर रहने से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है - सोनी सब के सितारे


(डे लाइफ डेस्क)


मुंबई। यह  सोनी सब के सितारों का कहना है कि घर पर रहने से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। आसिया काज़ी (सोनी सब के तेनाली रामा की शारदा) का यह है कहना: घर पर रहने के इस वक्‍त ने धैर्य रखना सिखाया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे जीवन में एक ठहराव आ जाएगा और हम घर के अंदर ही सीमित रहेंगे। इस ब्रेक ने मुझे अपने दिमाग को फिर से चलाने में मदद की है और मुझे अपने परिवार के साथ समय बिताने का बहुत अच्छा मौका मिला है, यह हमारे लिए एक सबक भी है कि हम अपनी स्वतंत्रता और अपनी प्रकृति की भलाई के लिए कैसे काम करते हैं। इस स्थिति ने मुझे यह दिखाया है कि हमें अपनी प्रकृति माँ के लिए कैसे देखभाल करने की आवश्यकता है। मैं भी बेसब्री से तेनाली रामा की शूटिंग के लिए वापस जाने और अपने सह-कलाकारों और दोस्तों से मिलने के लिए उत्सुक हूँ।


देव जोशी (सोनी सब के बालवीर रिटर्न्स के बालवीर)


घर पर रहकर मैंने अपने भीतर गहराई से देखना सीखा है, जिससे मुझे अपनी रूचियों और हुनर का पता लगाने में मदद मिली है, जिनके बारे में पहले मुझे जानकारी नहीं थी। मैंने हाल ही में शायरी और कविताएँ लिखना शुरू किया है। मैंने मानवता के बारे में जो सबसे बड़ी चीज सीखी है, वह यह है कि हम प्रकृति माँ से बड़े नहीं हैं और देखभाल करने से हमारे आस-पास की दुनिया बेहतर होगी।


इस स्थिति ने मुझे उस स्वतंत्रता की सराहना करना भी सिखाया है, जो हमारे पास है। साथ ही हमें हमारी जिंदगी में रोज जो सौभाग्‍य मिलता है, उसका भी शुक्रिया करना चाहिए। इसने मुझे विभिन्न हुनर और कॅरियर के विकल्पों को देखने में भी मदद की है। यह बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक सीखने और सोचने का दौर है।



कृष्णा भारद्वाज (सोनी सब के तेनाली रामा के पंडित रामा कृष्णा)


घर पर बंद होने की इस अवस्था ने मुझे सिखाया है कि सांस, भोजन, पानी, और हमारे आसपास के लोगों, मानवता और कृतज्ञता से इस दुनिया में हम सभी को कितना आभारी होना चाहिए। मैंने महसूस किया कि यह पृथ्वी केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि ईश्वर द्वारा बनाए गए सभी प्राणियों के लिए है। इस अवधि ने मुझे एक ब्रेक लेने और मेरे आसपास के लोगों के लिए आभारी होने और अपने परिवार के साथ जुड़ने का समय दिया है। मेरे व्यस्त जीवन में यह ब्रेक ताज़गी देने वाला रहा है।


मैं दिल से इसकी सराहना करता हूँ कि इस कठिन समय में हम सभी कैसे एकजुट हुए हैं। हमारे स्वास्थ्यरक्षा कर्मियों, पुलिस बल और हमारे घर पर काम करने वालों ने कठिन परिश्रम से हमारे जीवन में योगदान जारी रखने में मदद की है। मैं इस नए नियम के लिए आभारी हूँ, जिसने मुझे अपने जीवन के छोटे पहलुओं की सराहना करना और उनका आनंद लेना सिखाया  है।


एक बार यह स्थिति बीत जाने के बाद सबसे पहले मैं एक उड़ान बुक करूंगा और अपने माता-पिता से मिलूंगा। मुझे उनकी बहुत याद आती हैं। मैं इस स्थिति के बाद लोगों की नई शुरुआत और उत्साह देखने के लिए उत्सुक हूँ।


गुल्की जोशी (सोनी सब के मैडम सर की हसीना मलिक)


परीक्षा की इस घड़ी के दौरान और घर पर होने के नाते मेरा सबसे बड़ा सबक यह रहा है कि हम नियंत्रण की एक भ्रम की दुनिया में रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जीवन और प्रकृति में कुछ भी हमारे नियंत्रण में नहीं है। इस वक्‍त ने मुझे जिंदगी में मेरे पास जो है, उसका सराहना करने में मदद की है। मेरे पास एक छत है, मुझे रोज खाना मिल रहा है और मैं आर्थिक रूप से भी खुद को मजबूत बनाने में सक्षम हुई हैं, जबकि दूसरी ओर मैं लोगों को इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान इन बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए इतनी मेहनत करते हुए देख रही हूँ। मैं बेहद आभारी हूँ।