सांभर नंदीकेश्वर के मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब

अबीर गुलाल और पुष्प वर्षा से अनेक जगहों पर भव्य स्वागत 

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

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सांभरझील। यहां सैकड़ो वर्षों से भगवान शिव के प्रतीक के रूप में पूजी जाने वाली नंदीकेश्वर की सवारी छोटा बाजार सूर्य मंदिर के सामने से भगवान भोलेनाथ की आरती के बाद ढोल, चंग के साथ धूमधाम से निकली। धूलंडी की दिन आयोजित इस मेले में 15 हजार से अधिक लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। नंदीकेश्वर की सवारी हमेशा की तरह निर्धारित रास्तों से होते हुए पुरानी धान मंडी में पहुंची जहां पर विशाल स्टेज पर नंदीकेश्वर के नृत्य को देखने के लिए भारी तादाद में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। नृत्य के दौरान ओम नमः शिवाय, नांदिया बाबा के जयकारों से मेला स्थल गूंजायमन हो उठा। 

नंदीकेश्वर की सवारी का अबीर, गुलाल और पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया गया। बता दें कि इससे पहले पर्यटन विभाग के सहयोग व नंदीकेश्वर मेला कमेटी की तरफ से पुरानी कोतवाली परिसर में अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। ढोल प्रतियोगिता को देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी काफी तादाद में मेहमान के रूप में शामिल हुए तथा खुद को भी नाचने से नहीं रोक सके। सभी विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। पंडित विजय व्यास ने नंदीकेश्वर की सवारी का रूप धारण कर अपनी प्रमुख रूप से भूमिका निभाई। 

सवारी का जगह-जगह लोगों ने अपने आवास के सामने माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की तथा नारियल भेंट कर अपने परिवार की खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की। मेले में कानून व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के अलावा रिजर्व पुलिस फोर्स के जवानों को अलग-अलग रास्तों पर तैनात किया गया। लंबी गली से होते हुए नादिकेश्वर की सवारी गंतव्य स्थल पर पहुंची जहां शाम को संध्या आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मेला शांतिपूर्ण संपन्न होने व दिए गए अपेक्षित योगदान के लिए समिति अध्यक्ष कुलदीप व्यास, सचिव अनिल कुमार गट्टानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र डांगरा, गोपाल गौशाला के सचिव पवन कुमार मोदी, अध्यक्ष बालकिशन जांगिड़  ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।