सासाकावा- इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन ने "युवा समागम" का उद्घाटन किया

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पुणे।  कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए समर्पित संगठन, सासाकावा-इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन (एस-आईएलएफ) ने कुष्ठ पृष्ठभूमि के युवाओं के पूर्व-छात्र नेटवर्क के निर्माण की पहल की है। पूर्व-छात्रों का ऐसा ही एक नेटवर्क महाराष्ट्र में बनाया गया है। 2012 से, एस-आईएलएफ ने उच्च व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने के लिए राज्य की कुष्ठ कॉलोनियों के 100 से अधिक युवाओं की मदद की है। एस-आईएलएफ के कई स्कॉलर्स अब प्रतिष्ठित संस्थाओं में नौकरी कर रहे हैं और अच्छी तरह से स्थापित हैं। समाज की मुख्यधारा और कुष्ठ पृष्ठभूमि से अन्य युवाओं को प्रभावित करने की उनकी क्षमता को देखते हुए, एस-आईएलएफ ने एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया है जहां इनस्कॉलर्स ने साथ मिलकर यूथ लीडरशिप काउंसिल का गठन किया है। 

40 से अधिक स्कॉलर्स अपने नेतृत्व कौशल को सुधारने के लिए दिन भर चलने वाली प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल हुए और कार्यशाला का समापन स्कॉलर्स द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से किया गया। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ साझेदारी में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्कॉलर्स को उद्योग के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में कुश अग्रवाल, चैप्टर चेयर, यंग इंडियंस-सीआईआई, पुणे मुख्य अतिथि के रूप में और डॉ. विवेक लाल, सीईओ, एस-आईएलएफ मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन होटल क्वालिटी इन मिंट, संगमवाड़ी, पुणे में किया गया।

यूथ लीडरशिप काउंसिल युवाओं द्वारा संचालित विविधताओं वाला समूह है जो नेतृत्व प्रदान करने, बदलाव को प्रोत्साहित करने और स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग को कलंक की तरह देखने के सामाजिक रवैये को समाप्त करना है और कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के बीच अपनी नेटवर्किंग के जरिये समान सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अवसर सुनिश्चित करना है। एस-आईएलएफ देश के अन्य राज्यों में पूर्व-छात्रों के नेटवर्क की स्थापना करने में मदद करना जारी रखेगा।

सासाकावा-इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन (एस-आईएलएफ) के बारे में

नवंबर 2006 में स्थापित, सासाकावा-इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन (एस-आईएलएफ) कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों को सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के जरिये समाज की मुख्यधारा में लाने का काम करता है, इस तरह कुष्ठ को कलंक की तरह देखने वाले रवैये से संघर्ष करता है और  से प्रभावित लोगों की गरिमा बहाल करता है। हमारा फोकस क्षेत्र निम्नलिखित है:

स्वरोजगार को सक्षम बनाने वाले सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना

व्यावसायिक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के अवसरों तक पहुंच प्रदान करना

कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने के लिए सशक्त बनाना

समाज के सभी वर्गों में कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता पैदा करना

कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों और उनके समावेशीकरण के लिए मत-निर्माण करने वालों और नीति निर्माताओं को साथ लेकर काम करना

कुष्ठ रोग के बारे में: कुष्ठ रोग बैक्टीरिया-जनित रोग है और सरकार द्वारा मुफ्त में उपलब्ध उपचार के माध्यम से यह पूरी तरह से इलाज योग्य है। कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को कलंक के तौर पर देखने वाले नजरिये और भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है।