बेरोजगार चिकित्सकों ने भेजा मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन

चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग


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मनोहरपुर (जयपुर)। राज्य सरकार ने कोरोना काल में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए चिकित्सा अधिकारी के 2000 पदों के लिए वैकेंसी निकाली थी, जिसकी 12 जुलाई को परीक्षा आयोजित हुई थी। कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ने के बावजूद भी 1 माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया जिससे बेरोजगार चिकित्सकों में रोष है।


बेरोजगार चिकित्सकों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ व चौमू विधायक रामलाल शर्मा चिकित्सकों के मुद्दे को विधानसभा के चालू सत्र में भी उठा चुके हैं। बेरोजगार चिकित्सक संघ ने मुख्यमंत्री व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजकर चिकित्सा अधिकारियों का परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी करवाकर नियुक्ति देने की मांग की है।


बेरोजगार चिकित्सक संघ के डॉ विकास बुडानिया, डॉ.सुनील मीमरोट, डॉ रोशन दादरवाल, डॉ रामजीलाल बाजिया , डॉ प्रीतम जांगिड़, डॉ योगेश दादरवाल सहित कई चिकित्सकों ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने चिकित्सा अधिकारी के पद पर 2000 की भर्ती निकालकर 45 दिन में नियुक्ति देने की बात कही थी लेकिन परीक्षा के 1 माह से अधिक गुजर जाने के बावजूद अभी तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है।


चिकित्सकों के अनुसार प्रदेश भर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है तथा ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा अधिकारियों के 3000  पद रिक्त चल रहे हैं। बेरोजगार चिकित्सकों ने बताया कि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा 12 जुलाई को परीक्षा आयोजित करने के बावजूद अभी तक 1 माह से अधिक समय गुजर गया लेकिन परीक्षा परिणाम घोषित नहीं करने से राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा अधिकारियों के पद पर चिकित्सकों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है जिससे प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा रही है।


बेरोजगार चिकित्सकों ने बताया की 2000 चिकित्सा अधिकारियों के पद पर करीब 5000 चिकित्सकों ने परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा परिणाम नहीं आने से चिकित्सक असमंजस की स्थिति में है। जिससे निज़ी अस्पतालों में भी बांड के भय से सेवाएं नहीं दे रहे है। इससे कोरोना पेनडमिक में अनुभवी डॉक्टर्स भी बेरोजगार बैठे है।


चिकित्सकों ने बताया कि राज्य सरकार ने 20 जुलाई को ही परीक्षा परिणाम घोषित करने का आश्वासन दिया था लेकिन राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बावजूद भी राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित नहीं करने से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं चरमरा रही है। बेरोजगार चिकित्सकों ने बताया कि चिकित्सा अधिकारी परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में भी 10 जुलाई को धरना प्रदर्शन कर चुके हैं तथा परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित नहीं करने पर धरना प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है।