गुढा रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज नही बनने से यात्रियों को परेशानी

प्लेटफार्म पर ट्रेने खङी रहने से पटरियो को पैदल पार करना जोखिम भरा

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

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सांभरझील। रेलवे बेहतर सुविधाए देने में कोई कसर नही छोङना चाहती जिसको लेकर कई तरह की डिजिटल सेवाए प्रदान करने की तैयारी कर रही है। रेलवे में दोहरीकरण कर समय की बचत के साथ कई प्रकार की आधुनिक तकनीकी से करने जा रही है लेकिन गुढ़ासाल्ट रेलवे-स्टेशन पर समस्याए ज्यों कि त्यो बनी हुई है। सूत्रों ने बताया कि कई जगह रेलवे के कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे है लेकिन यहां नीचे पङे प्लेटफार्म की कोई सुध नहीं ले रहा है। यहां रेलवे-स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक से दूसरे पर जाने के लिए ऑवरब्रिज नहीं बनने से दैनिक रेल यात्रियों और ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में कई बार नम्बर वन प्लेटफार्म पर कई देर तक ट्रैने भी खङी रहने से मुश्किले और अधिक बढ जाती है। 

गत दिनों एक मालगाङी तीन दिन तक यही खङी रही जिस कारण लोगों को पटरिया पार करने में काफी दिक्कते झेलनी पङी। स्टेशन पर पहुंचने के लिए विशेष योग्यजन और वृद्ध यात्रियों के लिए तो व्हील चेयर की व्यवस्था कर रखी है लेकिन ऐसी स्थिति में ट्रेन दूसरे प्लेटफार्म पर आ जाए तो इनके लिए मुसीबते खड़ी हो जाती है। कई बार नम्बर एक रेल पटरी पर खड़ी ट्रैन के नीचे जान जोखिम में डालकर निकलते है। ऐसें में कभी भी कोई बङा हादसा होने का भय सता रहा है। मंगलवार को जब जयपुर-सूरतगढ़ में सफर करने वाली सवारियों को मालगाङी के नीचे घुसकर पार करते देखा तो रोगंटे खङे करने वाली सच्चाई नजर आई। 

लोगों से इस संबंध में पूछा तो बताया कि क्या करे डर तो लगता है साहब हमारे भी बाल बच्चे है परिवार की रोजी रोटी कमाने के लिए काम धंधे पर तो जाना पङेगा, सरकार जब ऑवरब्रिज बनाएगी तब तक यूं ही जान जोखिम में डालकर ट्रेक पार करना रोज की मजबूरी सी हो गई है। साथ ही लोगों ने पूर्व में चलने वाली जोधपुर-भोपाल, भोपाल-जोधपुर ट्रेन संख्या 14814/14813 के ठहराव क़ो वापस शुरू करवाकर यहां दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को राहत प्रधान करने की मांग की है।