सांभर में लावारिस घूमते सांडों को नंदीशाला का इंतजार

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

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सांभरझील। सांभर पर्यटन नगरी में विगत दो दशकों से लावारिस गायों और सांडों को आज भी अपने आश्रय स्थल की तलाश है। सांभर के प्रमुख व्यापारिक स्थल गोला बाजार, सिंधी मार्केट, पुरानी धान मंडी, राजपथ, गोला और रोडवेज बस अड्डा स्थल के आसपास अक्सर इनके बेखौफ घूमते रहने और आए दिन उनकी भिड़ंत से लोगों को अपनी जान का खतरा मंडराता रहता है। यद्यपि सरकार की ओर से सांडों को सुरक्षित रखने हेतु गौशालाओं में पृथक से नंदी शाला हेतु बजट आवंटन का भी प्रावधान किया हुआ है, हालांकि इस पर अभी तेज गति से काम तो नहीं हो रहा है लेकिन भविष्य में गौशाला में नंदी शाला के बनने के बाद इनको खुले स्थान से ले जाकर वहां पर रखे जाने के बाद ही लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। 

बता दें कि विगत सालों में इन सांडों की भिड़ंत की चपेट में आकर राहगीर और बाइक सवार तक चोटिल हो चुके हैं तथा कई लोगों के तो पांव भी फैक्चर हुए हैं। आवारा जानवरों से लोगों की सुरक्षा को बनाए रखना प्रमुख रूप से नगर पालिका प्रशासन का उत्तरदायित्व तो बनता है लेकिन इसे पूरी तरह से गंभीरता से ना तो कभी अधिशाषी अधिकारी की ओर से लिया गया है और न ही आज तक लिया जा रहा है, लिहाजा इनका सरेआम आपसी लड़ाई का नजारा देखने को मिलता रहता है ऐसे में सबसे बड़ी जो दिक्कत आ रही है वह यह है कि बुजुर्ग और छोटे बच्चे जो स्कूल जाते हैं उनके साथ कभी कोई गंभीर हादसा हो गया तो क्या नगर पालिका प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं होगी, ऐसी स्थिति में उन जनप्रतिनिधियों को भी देखना चाहिए कि जिस के लिए आम जनता ने उन्हें वोट देकर नगर पालिका में अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा है वह इसके लिए क्यों नहीं बोल रहे हैं। 

इसके अलावा दोषी तो कुछ हद तक वे पशुपालक भी हैं जो दुधारू गायों का दूध निकालने के बाद उन्हें खुले में इसलिए छोड़ दिया जाता है कि जहां पर लोग उन्हें हरा चारा डालने के लिए आते हैं तो उनका पेट भरता रहे और खुद उनका दूध इस्तेमाल कर अपना फायदा बनाते रहे। ऐसे लोगों को आईडेंटिफाई कर पालिका प्रशासन को कोई ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत भी बताई जा रही है ताकि लावारिस और पालतू गायों का भी चिन्हीकरण हो जाए। भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र डांगरा ने बताया कि उनकी तरफ से उपखंड अधिकारी और पालिका प्रशासन को कई दफा ज्ञापन सौंप कर इनसे निजात दिलाए जाने के लिए लिखा जा चुका है लेकिन पालिका की लापरवाही इसमें साफ दृष्टिगोचर होती है, हमारी ओर से इसके लिए पालिका प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा।