सांभर की लक्ष्मी सैनी बनी असिस्टेंट प्रोफेसर

सांभर में तूंदवाल परिवार बना व्याख्याताओं की खान, एक ही घर में छह राजपत्रित अधिकारी

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

www.daylife.page 

सांभरझील (जयपुर)। स्थानीय सीता सागर रोड निवासी कृषक कार्य से ताल्लुक रखने वाला तुंदवाल परिवार शिक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन कर लगातार जबरदस्त चर्चा में छाया हुआ है। इसी कड़ी में अब इसी परिवार की 23 वर्षीय लक्ष्मी सैनी ने विषम परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से अपने पहले ही प्रयास में कॉलेज शिक्षा में भूगोल विषय से असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर सम्पूर्ण राजस्थान में द्वितीय स्थान और महिला वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। 

होनहार बिरवान के होत चिकने पात कहावत को लक्ष्मी ने भी चरितार्थ कर यह सिद्ध कर दिया की हौसलों की उड़ान भरने के लिए खुद में आत्मविश्वास होना भी जरूरी है। सांभर जलदाय विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत पिता भगवान सहाय मालाकार ने बताया कि लक्ष्मी बचपन से ही प्रतिभावान छात्रा रही है। माता सीतादेवी से बात करने पर बताया कि जो सपने हमने हमारे बच्चों के लिए देखे थे आज पूरे होते नजर आ रहे हैं। बता दें कि लक्ष्मी  राजकीय दरबार स्कूल सांभर से सत्र 2014 में 12वीं कला संकाय में जिला मेरिट में चयनित हुई और शाकम्भर कॉलेज सांभर से स्नातक में राजस्थान विश्वविद्यालय में तीसरी रैंक हासिल की। 

यूजीसी द्वारा आयोजित नेट-जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 में भूगोल विषय से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था बता दें कि इस परिवार पहले से 5 राजपत्रित अधिकारी बालकिशन मालाकार असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रधानाचार्य टीकमचन्द मालाकार, रामकिशन सैनी, प्रतिभा व सरिता सैनी व्याख्याताओं के पद पर अलग-अलग जगहों पर पदस्थापित है। लक्ष्मी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुओं को दिया है।