काका की हत्या के जुर्म में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास

तहसील सांभर में मृतक आया था रजिस्ट्री कराने, 13 वर्ष पहले दिया था घटना को अंजाम 

शैलेश माथुर की रिपोर्ट 

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सांभरझील (जयपुर)। भूमि विवाद के चलते वर्ष 2009 में चार सगे भाइयों द्वारा अपने ही काका पर जानलेवा हमला कर हत्या करने के जुर्म में दोषी पाए जाने पर इनमें से तीन जनों को एडीजे कोर्ट क्रम संख्या एक के न्यायाधीश बृजेश कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त के नाबालिग होने पर उसका मामला जयपुर की अदालत में विचाराधीन बताया जा रहा है।  

अभियुक्तों ने मृतक के साथ 22 जून 2009 को शाम करीब 4-5 बजे मृतक का पुत्र व उसके पिता के साथ तहसील कार्यालय सांभर में सरियों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिसमें मृतक सुवालाल की पसलियों में चोट आने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक के इस दौरान हृदयाघात हो गया और उसकी मौत हो गई। न्यायालय ने अभियुक्तों पर 25- 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है, अदा न करने पर 1 वर्ष का साधारण कारावास और भोगना होगा। सजायाफ्ता मुलजिम गांव भासिंहपुरा थाना फुलेरा जिला जयपुर के रहने वाले भीमाराम के पुत्र अर्जुनलाल, गोपाललाल व रतनलाल हैं। 

परिवादी के वकील वीरेंद्र सिंह शेखावत ने  बताया की चौथा आरोपी राजू पुत्र भींमाराम के नाबालिक होने के कारण उसका मामला जयपुर की अदालत में चल रहा है। इस मामले में मृतक सुवालाल के पुत्र कानाराम ने थाना सांभर में रिपोर्ट दी थी, जिसमें बताया गया था कि उसके पिताजी, काका नंदराम व उसके परिवार के अन्य लोग रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील में आये थे पीछे से एक राय होकर मारपीट करने के उद्देश्य से सरिये लेकर तहसील कार्यालय के बाहर  अभियुक्तों ने रजिस्ट्री की बात को लेकर मारपीट करनी शुरू कर दी। सभी ने उसके पिताजी  को सरियों से मारा जिससे वह गिर गये। शरीर पर गंभीर चोट के कारण उसके पिताजी की मृत्यु हो गई। तहसीलदार सांभर ने मारपीट की घटना की जानकारी फोन से पुलिस को दी थी।