गौ वंश आधारित अर्थ व्यवस्था पर संगोष्ठी हंसराज कालेज में एक अप्रैल को

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नयी दिल्ली। नयी पीढी़ को भारत की परंपरागत अर्थ व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से आगामी एक अप्रैल को दिल्ली विश्व विद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित हंसराज कालेज में एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। गौरतलब है कि दिल्ली के हंसराज कालेज का नाम हर साल दो अंग्रेजी साप्ताहिकों यथा इंडिया टुडे व दि वीक द्वारा प्रकाशित भारत के सौ सर्वश्रेष्ठ कालेजों की सूची में पहले छह कालेजों में आता है। आजादी के बाद हंसराज कालेज की पहली एकमात्र प्राचार्या डा. रमा ने अपने कालेज में ऋषि दयानंद, गौ संवर्धन एवं अनुसंधान केन्द्र खोलकर नयी पीढी़ को रोजगार का विकल्प देने की  क्रांतिकारी पहल की थी। इसीलिए संभव इंटर नेशनल फाउण्डेशन की सह संस्थापिका और जानी मानी समाज सेविका साध्वी प्रज्ञा भारती ने डा. रमा के साथ सहयोग करते हुए इस संगोष्ठी का आयोजन किया है। संगोष्ठी आनलाइन व व्यक्तिगत रूप से भी भाग लेने के लिए उपलब्ध है। संगोष्ठी एक अप्रैल 2022 को प्रात : 11.30 बजे कालेज के संगोष्ठी कक्ष में प्रारंभ होगी। इसके आयोजक भारत सरकार के पूर्व सचिव और वरिष्ठ आई ए एस डा. कमल टावरी और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया शिक्षिका संघ के संस्थापक डा. रामजीलाल जांगिड हैं।

इसमें सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत, हरियाणा के दो विश्व विद्यालयों के पूर्व उप कुलपति प्रो. डा. राजवीर सिंह सोलंकी, सामाजिक वैज्ञानिक डा. राकेश राणा, पूर्व साफ्टवेयर इंजीनियर और गोपालन के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग करने वाले असीम रावत,गौ सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले  राम सुनील शुक्ला, आई आई एम टी कालेज आफ पौलीटैक्निक, ग्रेटर नौएडा  के निदेशक प्रोउमेश कुमार, गौमाता को राष्ट्र माता घोषित कराने हेतु समूचे भारत में दशकों से आंदोलनरत व कामधेनु मां गौ पर एक वृहद ग्रंथ की रचना करने वाले स्वामी गोपाल मणी जी महाराज, प्रख्यात चित्रकार गुरूग्राम के संदीप कुमार मान व प्रख्यात मूर्तिकार गो सेवक ताराचंद के अलावा शाकाहार, विश्व शांति और अहिंसा को प्रोत्साहन देने के क्षेत्र में अग्रणी डा. दीप चंद्र जी जैन, उप्र के जाने-माने समाजसेवी डा. परमिंदर जांगिड और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ  दिल्ली शाखा में गौ सेवा प्रभाग के प्रमुख सतीश को आमंत्रित किया गया है।  डा. कमल टावरी के अनुसार संगोष्ठी में देश के ख्यात शिक्षाविद, समाजशास्त्री, चिंतक और संचार माध्यमों के विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं।