यास्‍मीन अलादीन को कैसे मानवीय रूप में वापस लाएगी?


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मुम्बई। मल्लिका (देबिना बनर्जी) को मारने के लिए खंजर(चाक़ू) की तलाश में निकला, अलादीन (सिद्धार्थ निगम) एक नई दुनिया में पहुंच चुका है। सोनी सब के शो 'अलादीन: नाम तो सुना होगा' में एक और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। दरअसल, राजकुमारी तमन्ना (आराधना शर्मा), जो कि खंजर के दूसरे हिस्से की संरक्षक है, ने अलादीन को बिल्ली के रूप में बदल दिया है। दर्शकों को कुछ रोमांचक ट्विस्ट और टर्न्स के लिए कमर कस लेनी चाहिए क्योंकि अलादीन: नाम तो सुना होगा में चीज़ें और भी ज़्यादा चुनौतीपूर्ण होने वाली हैं।


मल्लिका के खंजर के पहले टुकड़े को शानदार ढंग से हासिल करने के बाद, अलादीन और उसकी टीम अपने आगे के पड़ाव की और बढ़ते हैं जोकि राजकुमारी तमन्ना और उनसे रहस्यमयी महल की ओर है। महल पहुंचने के बाद अलादीन सिंहासन पर एक बिल्ली को बैठा हुआ देखता है जोकि अचानक एक सुंदर राजकुमारी के रूप में परिवर्तित हो जाती है। यह जानने के बाद कि राजकुमारी तमन्ना ही खंजर के अगले टुकड़े को खोजने की कड़ी है, अलादीन उससे मदद मांगता है, लेकिन गुस्से में तमन्ना अलादीन को एक बिल्ली में बदल देती है।


दूसरी तरफ, यास्‍मीन(आशी सिंह) और फराज़ (आमिर दलवी) अलादीन के बारे में चिंता करने लगते हैं क्योंकि वह वापस नहीं आता है और बाद में उन्हें पता चलता है कि तमन्ना ने उसे एक बिल्ली में बदल दिया है। अलादीन यास्‍मीन को उस सिंहद्वार (पोर्टल) की और निर्देशित करता है जहां वे कई और लोगो को बिल्ली के रूप में बदला हुआ पाते हैं और जो तमन्ना का शिकार हुए हैं।


अलादीन और यास्‍मीन को पता चल जाता है कि खंजर का अगला हिस्सा एक सिंहद्वार में हैं जिसे सिर्फ एक इंसान ही पार कर सकता है। यास्‍मीन बिलकुल तैयार है, क्योंकि अलादीन को उसके मानव रूप में बदलने के लिए, किसी और को बलिदान करने और एक बिल्ली में बदलने की आवश्यकता होगी।


यास्‍मीन अलादीन की मदद कैसे करेगी? क्या यास्‍मीन अपना बलिदान दे देगी?


अलादीन की भूमिका निभाने वाले सिद्धार्थ निगम ने कहा, आगामी एपिसोड्स के लिए शूटिंग करने का अनुभव बिलकुल अनूठा था। हमने इन एपिसोड्स के लिए एक असली बिल्ली के साथ शॉर्ट दिया था और यह एक चुनौतीपूर्ण टास्क रहा। मेरे  अलादीन के किरदार को अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जो उसने पहले कभी भी नही झेला है। आगे के एपिसोड्स अलादीन और यास्‍मीन को एक ऐसी जगह लाकर खड़ा कर देंगे, जहां यास्‍मीन को अलादीन को उसके असली रूप में वापस लाने के लिए एक कठिन निर्णय लेना होगा। वो सब समय के खिलाफ लड़ रहे हैं और दर्शकों को लिए ये देखना दिलचस्प होगा कि अलादीन को बचाने के लिए सुल्ताना यास्‍मीन ने क्या फैसला लिया।


यास्‍मीन की भूमिका निभाने वाली आशी सिंह ने कहा, यास्‍मीन को बहुत ही कठिन निर्णय लेना है। मल्लिका के खंजर के अगले हिस्से को ढूंढ़ने के लिए अलादीन का सिंहद्वार में प्रवेश करना ज़रूरी है जिसमें सिर्फ इंसान ही प्रवेश कर सकते हैं। यास्‍मीन के आगे एक बड़ी चुनौती है और साथ ही यह निर्णय उसके हाथ में है कि अलादीन को इंसान के रूप में वापस बदलने के लिए वो किसी की बलि दे। इन एपिसोड्स के लिए शूट करना एक रोमांचक अनुभव रहा है क्योंकि हर एपिसोड एक नई और कठिन चुनौतियां उनके सामने ला रहा है। अलादीन: नाम तो सुना होगा के आगामी एपिसोड पर हमारे दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं।